Wednesday, 10 August 2016

देश की आबरू के लुटेरे हैं यह बलात्कारी


    पिछले दिनों बुलंद शहर जि़ले की सीमा में नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक परिवार की मां व बेटी के साथ हुए सामूहिक बलात्कार कांड ने एक बार फिर देश में बलात्कार पर प्राय: होती रहने वाली चर्चाओं को बल प्रदान किया है। खबरों के अनुसार लगभग पंद्रह मानव रूपी दरिंदों ने एक पिता के सामने पहले लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। तत्पश्चात उसकी बेटी व पत्नी का बलात्कार किया। इस बलात्कार कांड ने उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक की सत्ता में खलबली मचा दी है। बताया जा रहा है कि पीडि़त परिवार कार में सवार होकर नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था तभी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना के प्रति गंभीरता दिखाते हुए बुलंदशहर के एसएसपी सहित कई अन्य पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया तथा राज्य के मुख्य सचिव,गृह सचिव तथा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को इस गैंगरेप से संबंधित संपूर्ण जांच प्रक्रिया को सीधेतौर पर स्वयं अपनी निगरानी में कराए जाने का निर्देश भी दिया है।

                इस घटना से चंद दिनों पूर्व ही दिल्ली की एक चौदह वर्षीय बलात्कार पीडि़त युवती ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। युवती के परिजनों के अनुसार लगभग आठ महीने पूर्व पीडि़त युवती के साथ बलात्कार हुआ था। परिजनों का आरोप है कि इस युवती के साथ बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति ने ही गत मई माह में इसी युवती का पुन:अपहरण कर लिया और लगभग एक सप्ताह तक उसका यौन उत्पीडऩ किया। हमारे देश में इस प्रकार की घटनाएं आए दिन देश के किसी न किसी राज्य में होती ही रहती हैं। कहीं-कहीं तो बलात्कार पीडि़ता या तो स्वयं सामाजिक भय के कारण ऐसी घटनाओं को छुपा जाती है या फिर उसके परिवार के लोग ही समाज में होने वाली बदनामी के चलते ऐसे मामलों में पर्दा डालने में अपनी भलाई समझते हैं। बलात्कार संबंधी कई घटनाएं हमारे देश में ऐसी भी होती हैं जिनपर पुलिस विभाग संज्ञान नहीं लेता और पीडि़त परिवार के लोगों को ही बहला-फुसला कर या डरा-धमका कर वापस भेज देता है। इस प्रकार के मामले ऐसे भी होते हैं जिसमें बलात्कारी दबंग व बाहुबली होते हैं और पीडि़त परिवार गरीब व कमज़ोर। ऐसे मामले डरा-धमका कर या पैसों का लेन-देन कर दबा दिए जाते हैं। यकीनन अगर देश में होने वाली बलात्कार की सभी घटनाओं की खबरें पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक होने लगें तो यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि हमारा देश मात्र इन्हीं घटनाओं के कारण दुनिया में सिर उठाने के लायक भी न रहे।
                जब-जब देश के किसी भी कोने में ऐसी घटनाओं की $खबरें आती हैं उसी समय इन खबरों के साथ-साथ राजनैतिक दलों द्वारा अपनी सियासी सरगर्मियां भी शुरु कर दी जाती हैं। ऐसी घटनाओं के बाद विपक्षी दलों द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों से तो ऐसा प्रतीत होने लगता है गोया सत्तापक्ष के लोगों की नाकामियों की वजह से ही ऐसी घटना हुई हो। विपक्ष इन घटनाओं का राजनैतिक लाभ उठाने के लिए सत्तापक्ष को तथा प्रदेश की $कानून व्यवस्था को सीधेतौर पर दोषी ठहराने लगता है। समाज के कई स्वयंभू ठेकेदार,राजनेता तथा धर्मगुरु भी अपने-आप को ऐसी घटनाओं से दूर नहीं रख पाते और अपनी समझ,सूझबूझ,सामथ्र्य तथा अपने पूर्वाग्रह या नफे-नुकसान के मद्देनज़र वे भी तरह-तरह की बयानबाजि़यां करने लग जाते हैं। मिसाल के तौर पर कोई यह कहते सुनाई देता है कि महिलाओं को देर रात बाहर निकलने अथवा कहीं नौकरी करने हेतु आने-जाने की ज़रूरत ही क्या है? कोई कहता सुनाई देता है महिलाओं के लिबास उनके साथ होने वाली बलात्कार की घटनाओं का कारण होते हैं। कोई लड़कियों की उच्चस्तरीय शिक्षा तथा महाविद्यालयों में सहपाठी के नाते लड़कियों व लड़कों के मध्य होने वाली मित्रता पर ही सवालिया निशान खड़ा कर देता है। परंतु वास्तव में इनमें से कोई भी बात ऐसी नहीं है जो बलात्कार का कारण बनती हो तथा जिसकी वजह से बलात्कारी मानसिकता रखने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता हो।

                हमारे देश में बलात्कार के आरोप बुलंदशहर कांड की तरह केवल घुमंतरू या आवारा $िकस्म के लोगों पर ही नहीं लगते। बल्कि देश के अनेक स्वयंभू धर्मगुरू,कई उच्चाधिकारी,नेता,संपन्न व प्रतिष्ठित लोग यहां तक कि हमारे देश की सेना व पुलिस विभाग के लोगों के नाम भी इस प्रकार की शर्मनाक घटनाअें में सामने आ चुके हैं। इससे साफ ज़ाहिर होता है कि बलात्कार का संबंध किसी विशेष तब$के अथवा श्रेणी के लोगों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह एक ऐसा मानसिक रोग है जिसका शिकार कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी वर्ग,श्रेणी अथवा ओहदे का क्यों न हो, हो सकता है। बलात्कार का संबंध $गरीबी-अमीरी,धर्म-जाति, रंग-भेद तथा शिक्षित व अशिक्षित जैसी श्रेणियों से $कतई नहीं है। यह एक ऐसा मानसिक रोग है जो बलात्कारी व्यक्ति अथवा इस दुष्कर्म में शामिल सभी लोगों को दरिंदगी की किसी भी सीमा तक ले जा सकता है। मिसाल के तौर पर पूर्वोत्तर में कुछ सैनिकों द्वारा एक महिला के साथ न केवल बलात्कार किया गया था बल्कि उसके गुप्तांग में पत्थर तक ठूंस दिए गए थे। ऐसी रुग्ण मानसिकता रखने वाले लोगों के बारे में आखिर क्या राय कायम की जानी चाहिए ? इसी प्रकार दिल्ली का निर्भया कांड भी पूरे देश के लोगों के रोंगटे खड़े कर गया। किस प्रकार दरिंदों ने निर्भया के साथ बलात्कार किया तथा उसके शरीर के निजी हिस्सों को इस दरिंदगी के साथ क्षति पहुंचाई कि आखिरकार उस युवती ने दम तोड़ दिया।
                इसमें कोई शक नहीं कि ऐसी घटनाएं केवल कोई घटना या जघन्य अपराध मात्र नहीं हैं बल्कि इन घटनाओं ने हमारे देश के माथे पर कलंक लगाने का काम किया है। हमारे देश में ऐसी ही मानसिकता रखने वाले दरिंदों द्वारा केवल भारतीय महिलाओं के साथ ही ऐसी घटनाएं अंजाम नहीं दी जाती बल्कि महिलाओं की अस्मिता के भूखे इन दरिंदों द्वारा विदेशी महिलाओं को भी नहीं बख्शा जाता। देश की अस्मिता व प्रतिष्ठा को कलंकित करने वाले ऐसी मानसिकता के लोग बजाए इसके कि अपने देश में किसी मेहमान पर्यट्क की सहायता करें, किसी विदेशी युवती के मददगार साबित हों तथा उसे सही रास्ता बताने की कोशिश करें बजाए इसके ऐसे लोग उसकी आबरू से खेलने तथा उसके साथ लूटपाट करने की जुगत में लग जाते हैं। दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद बलात्कारियों के विरुद्ध गुस्से की चिंगारी पूरे देश में भड़क उठी थी। इस घटना ने तो अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी अपनी ओर इस $कद्र आकर्षित किया था कि कई देशों में भारत में होने वाली बलात्कार की घटनाओं के विषय में विशेष रिपोर्ट एवं संपादकीय प्रकाशित किए गए थे। कुछ देशों ने अपने देश के भारत जाने वाले पर्यटकों के लिए स्वयं को सुरक्षित रखने संबंधी गाईडलाईन भी जारी की थी।
                सवाल यह है कि निर्भया,बुलंदशहर अथवा रोहतक में नेपाली मूल की लड़की के साथ हुई बलात्कार जैसी घटनाओं के चर्चा में आने के बाद खासतौर पर टीवी चैनल्स द्वारा ऐसी घटनाओं से संबंधित $खबरें प्रसारित करने के बाद शासन-प्रशासन,नेता तथा सामाजिक संगठन कुछ दिनों तक अपनी सक्रियता दिखाते तो नज़र आते हैं। परंतु इनके पास इस समस्या से निपटने का न तो कोई स्थाई समाधान नज़र आता है न ही इस दिशा में यह लोग कोई स्थाई कदम उठाते या कोई सकारात्मक प्रयास करते दिखाई देते हैं। पिछले दिनों हमारे देश की एक अदालत ने बलात्कार से संबंधित एक $फैसले में एक बलात्कारी को केवल इसलिए बरी कर दिया क्योंकि वह हमारे देश के $कानून के मुताबिक नाबालिग था। इस $फैसले के बाद ही देश में यह बहस छिड़ी थी कि आखिर बालिग व नाबालिग़ होने का निर्धारण कैसे किया जाए। जो युवक बलात्कार कर सकता है वह नाबालिग की श्रेणी में कैसे आ सकता है? आदि-आदि। देश में एक बड़ा तब$का ऐसा भी है जो बलात्कारियों के लिए फांसी की सज़ा की मांग करता है। उधर हमारा कानून बलात्कार से लेकर जघन्य हत्याकांड तक में सज़ा-ए-मौत देने से बचने की कोशिश करता है तथा सज़ा-ए-मौत को रेयरआफ द रेयरेस्ट अपराध के लिए सुरक्षित रखने की हिमायत करता है। देश के धार्मिक प्रतिष्ठानों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा भी इस दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर कोई व्याप्क मुहिम छिड़ती अथवा छिड़ी नज़र नहीं आती। न ही हमारे देश के विद्यालयों में बच्चों को ऐसी कोई शिक्षा दी जाती है जिससे हमारे बच्चों में बलात्कार जैसी घटनाओं के प्रति भय पैदा हो तथा वे ऐसी घटनाओं से दूर रहने की कोशिश करें।              

  अत: यह कहना गलत नहीं होगा कि इस विषय पर जब तक पारिवारिक,सामाजिक, धार्मिक तथा शैक्षणिक स्तर पर देश में बच्चों को जागृत नहीं किया जाता तथा अपने बच्चों को अन्य बच्चियों व युवतियों के साथ अपने ही परिवार के सदस्य के रूप में पेश आने की शिक्षा नहीं दी जाती तब तक मात्र $कानून बनाने या देवी पूजन जैसी धार्मिक कारगुज़ारियों से ऐसी घटनाओं को $कतई रोका नहीं जा सकता। और इस प्रकार के मानसिक रोगी तब तक हमेशा किसी न किसी महिला के साथ-साथ देश की आबरू को भी इसी प्रकार लूटते रहेंगे।



Friday, 18 March 2016

यू0पी0 मडि़याहूँ पुलिस ने दबाव देकर बुजुर्ग महिला से हस्‍ताक्षर कराया


बरसठी/मडि़याहूँ, 0प्र0 ।  प्रार्थिनी राजकुमारी देवी प/ति श्री डॉ0 रमाकांत गुप्ता ग्रॉम/पोस्ट परियत, थाना/क्षेत्र बरसठी, तहसील -मडि़याहूँ, जिला- जौनपुर, उत्तर प्रदेश, दिनांक--5/03/2016 ऑनलाइन एक पत्र माननीय मुख्‍यमंत्री उत्‍तर प्रदेश के नाम से  थाना बरसठी  के बनारसी लाल (दीवान) नाम का पुलिस अधिकारी जिसका मोबाइल नंबर: 07388791887 है, के विरूद्ध दिया था जिसके बाद तहसील मडि़याहूँ के सीओ के किसी अधिकारी का श्रीमती राजकुमारी देवी के  मोबाइल पर  फोन आया कि आपका बयान लेना है तत्पश्चात राजकुमारी देवी  14/03/2016 को अपना बयान दर्ज कराने गई लेकिन वहाँ पर सीओ साहब के कोई अन्य अधिकारी थे जिन्होंने अपने हाथ से बयान लिखा लेकिन बयान में मुख्य बातें यह कि जो उनके पति से उपरोक्त भ्रष्‍ट अधिकारी बनारसी लाल ने अभद्रता, अपशब्द व अशिष्टता से बात किया वो नहीं लिखा और उसके अभद्रता के बाद उनके  पति का स्वास्थ्य खराब हो गया, ये भी नहीं लिखा गया।
वहां  सीओ कार्यालय में वहाँ के अधिकारी स्वयं बयान लिखकर व रिटायर्ड प्रिंसिपल रह चुके श्रीमती राजकुमारी देवी पर  दबाव बनाकर हस्ताक्षर करा लिये और कहा कि थाने जाकर समझौता कर लेना।
पुन: उन्‍होंने आगे मुख्‍यमंत्री को कराए गए ऑनलाइन ईमेल में लिखा है कि   सीओ कार्यालय में दिये गये बयान की कॉपी में उनके द्वारा किया गया हस्ताक्षर मान्य नहीं होगा। इसलिए उनके  द्वारा आपको दिया गया पत्र ही उनका पूरा  बयान है जिसे मैं पुनः संलग्‍न कर ईमेल किया गया है, उन्‍हें  पूरा विश्वास है कि मुख्‍यमंत्री उनके साथ पूरा न्याय करेंगे।
आगे उस पत्र में राजकुमारी देवी ने लिखा है कि उनकी उम्र करीब 70 साल हो गई है, अतः जिस अधिकारी को बयान लेना हो वो हमारे घर आ सकता है , अधिक उम्र व गठिया रोग के कारण पति-पत्नी अधिक नहीं चल सकते व पति के सीने में अक्सर दर्द रहता है। पुलिस जनसेवक होती है वो कोई भी बयान लेने हमारे घर फोन करके आ सकती है ।
ज्ञात रहे कि हिन्‍दू महासभा की नेता रीता राय ने जौनपुर के एस0पी0 को फोन करके सारे घटना की पूरी जानकारी दिया था । तत्‍पश्‍चात एसपी जौनपुर नें मडि़याहूँ के  सी0 ओ0 को फोन करके घटना की पूरी रिपोर्ट माँगी थी मगर सी0ओ0 मडि़याहूँ  ने कोई विशेष दिलचस्‍पी नही दिखाया बल्कि उनके कार्यालय के अधिकारी आरोपी पुलिस अधिकारी बरसठी के बनारसी लाल को पूरी तरह बचाने में जुट गए और बोले कि जाकर बरसठी थाने में समझौता कर लेना इससे ये साबित हो गया पुलिस का असली चेहरा क्‍या होता है, जब पुलिस समाज के वरिष्‍ठजनों के साथ जब ऐसा कर रही है तो और आम लोगों के साथ क्‍या करती होगी । वैसे बरसठी पुलिस थाने में यातना देनें के लिए कुख्‍यात  है । सन् 1982 के आस-पास बरसठी पुलिस नें एक दलित मुसहर को थाने में यातना देकर मार डाला था ।

वरिष्‍ठ जनों के उत्‍पीड़न का पूरा मामला  इस प्रकार था
सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है
जौनुपर, बरसठी की पुलिस मामले की पूरी लीपा-पोती में जुटी

सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है। ऐसे ही एक मामला उत्तर प्रदेश, जिला जौनपुरब्लॉक बरसठी, थाना बरसठी के अंतर्गत है । मालूम रहे कि बरसठी थाने का  बनारसी लाल (दीवान) नाम का पुलिस अधिकारी जिसका सीएनओ नंबर 77217126  व  मोबाइल नंबर: 07388791887 है, जो अत्यंत भ्रष्ट, रिश्वतखोर और बड़े-बुजुर्गों को अपमानित करने वाला प्रकृति का है।
उपरोक्त भ्रष्ट अधिकारी बनारसी लाल (दीवान) नें ग्राम/पोस्ट परियत, जिलाः जौनपुर, उप्र के सम्मानित निवासी व करीब 70वर्षीय बुजुर्ग बीएमएस डॉ0 रमाकांत गुप्त/पुत्र स्वर्गीय इंसपेक्टर भगवती प्रसाद गुप्त व उनकी पत्नी रिटायर्ड सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका राजकुमारी देवी के साथ पुलिसिया गुण्डई दिखाते हुए उनके साथ बहुत ही घटियां, शर्मनाक व अभद्र भाषा का प्रयोग किया व एक अपराधी की तरह दुर्व्‍यवहार करते हुए उन्हें थाने चलने को जबरन मजबूर कर रहा था, इस उपरोक्त अधिकारी के साथ दो पुलिस वाले और थे जो उपरोक्त भ्रष्ट अधिकारी का साथ दे रहे थे, उपरोक्त घटना 4 मार्च, 2016 दिन के करीब साढ़े बारह बजे की है ।
इतना ही नहीं डॉ0 रमाकांत गुप्त को थोड़ा कपड़े पहनने में देर होने पर उपरोक्त पुलिस अधिकारी बनारसी लाल (दीवान)  ने अत्यंत गंदे व अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और बोला कि -‘‘जल्दी कर अभी तक तैयार नहीं हुआ तू‘‘। उपरोक्त पुलिस अधिकारी नें बुजुर्ग डॉ0 रमाकांत गुप्त की पत्नी के साथ  गंदी व अशिष्ट अपशब्दों वाली भाषा का प्रयोग करते हुए बोला, ‘‘तुम यहाँ-वहाँ नाचना बंद कर, फाल्तू बकवास मत कर‘‘। 
सनद रहे कि  मामला जमीन से संबंधित था, डॉ0  रमाकांत गुप्त ट्रांसफार्मर के पास एक दीवार का निर्माण करा रहे थे क्योंकि गेद खेलते समय बच्चों का गेद ट्रांसफार्मर के पास चला जाता था जिससे बच्चों के प्राण जानें  का खतरा बना रहता है। इस ट्रांसफार्मर हटाने की शिकायत कई बार शासन-प्रशासन से किया गया मगर अंधेर राज्य में जायज मांगे कभी पूरी ही नहीं होती।  इस संदर्भ में उपरोक्त दीवान रिवश्वखोर अधिकारी नें ग्रॉम प्रधान से भी कोई बात भी नहीं किया।
70वर्षीय बुजुर्ग डॉ0 रमाकांत गुप्त की पत्नी राजकुमारी देवी रिटायर्ड सरकारी जूनियर स्कूल की प्रधानाध्यापिका रह चुकी हैं जो बुद्धिजीवी समाज का प्रतिनिधित्व भी करती हैं जिनके पढ़ाए छात्र एसडीएम, डीएम तक बन चुके हैं । लेकिन उनके साथ भी इस पुलिस अधिकारी नें गंदे, घिनौने व मर्यादाहीन  शब्दों का प्रयोग किया, वो ऐसा कि पुलिस की वर्दी के आगे किसी का कोई सम्मान ही न  हो मानो बस सब उस उपरोक्त अधिकारी के दास हों।
70 वर्षीय बुजुर्ग डॉ0  रमाकांत गुप्त पेशे से डॉक्टर हैं जो हमेंशा गरीबों के ईलाज में अपना जीवन न्योछावर कर दिया, जिनका जीवन बेहद सादगी से भरा और पवित्र रहा है । डॉ0 रमाकांत गुप्त का अपराध से कोई वास्ता कभी नहीं रहा है। इनकी उम्र करीब 70 वर्ष की है, क्या वे थाने में ले जानें लायक थे ? यदि उपरोक्त अधिकारी को कोई पूछताछ करनी थी तो उनकी उम्र देखकर उनके घर पर भी हो सकती थी। 
उपरोक्त पुलिस अधिकारी (दीवान) जो महादुष्‍ट, बर्बर व्‍यवहार का था उसकी दरिंदगी व अभद्र भाषा के बाद डॉ0 रमाकांत गुप्त का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा उनके सीने का दर्द और बढ़ गया, उनको हार्ट अटैक आते-आते बचा जिसका ईलाज चल रहा है। ज्ञात रहे कि डॉ0 रमाकांत गुप्त के सीने में  अक्सर दर्द होता रहता है जिसके लिए हमेंशा दवाएँ खाते रहते हैं। उपरोक्त पुलिस अधिकारी (दीवान) के दुर्व्‍यवहार से बुजुर्ग डॉ0  रमाकांत गुप्त का स्वास्थ्य और बिगड़ने लगा अगर उनको कुछ होता है तो उसके लिए भ्रष्ट, रिश्वतखोर बनारसी लाल (दीवान) व बरसठी थाने का थानाध्यक्ष  जिम्मेदार होगा ।
डॉ0  रमाकांत गुप्त से उपरोक्त बरसठी थाने का (दीवान)  द्वारा अपराधियों की तरह बर्ताव से वे बेहद मानसिक अवसाद में हैं क्योंकि वे पूरा जीवन सादगी से व्यतीत करने वाले समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक हैं, जिनको किसी तरह के अपराध से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं रहा है। ज्ञात रहे कि बरसठी की बर्बर पुलिस अपने गंदे व घिनौने कामों के लिए कुख्‍यात है। सन् 1982 के करीब बरसठी की बर्बर पुलिस नें एक आदिवासी मुशहर को पीटते-पीटते मार डाला था जिसके चल्‍ते बहुत हंगामा हुआ था ।
ओर तो और इस भ्रष्ट पुलिस अधिकारी ने बुजुर्ग दंपत्ति डॉ0  रमाकांत गुप्त व राजकुमारी देवी को रिश्वत देने के लिए बाध्य कर दिया, रिश्वत देने के बाद तब जाकर उस भ्रष्ट व रिश्वतखोर  उपरोक्त (दीवान)  ने बुजुर्ग दंपत्ति की जान छोड़ी। डॉ0  रमाकांत गुप्त, उनकी पत्नी राजकुमारी देवी व उनका पूरा परिवार भ्रष्ट अधिकारी बनारसी लाल (दीवान) के दुर्व्‍यवहार से बुरी तरह भयभीत व मानसिक सदमें में है ।
इस बुजुर्ग दंपत्ति नें उपरोक्त महाभ्रष्ट पुलिस अधिकारी बनारसी लाल (दीवान) की जौनपुर एसपी से शिकायत कर अविलंब दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की मांग किया है ।  क्योंकि बरसठी थाने के दीवान नें  70वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति का घोर अपमान किया है, उनके साथ अमर्यादित, गंदे, अशिष्ट भाषा का प्रयोग किया है व मानसिक रूप से प्रताडि़त किया है व उन्हें रिश्वत देनें के लिए मजबूर किया । उपरोक्‍त  भ्रष्‍ट पुलिस अधिकारी को बचाने के लिए थाने के बड़े, आला पुलिस अधिकारी थानाध्यक्ष ने पूरा एड़ी-चोटी का जोर लगाना शुरू  कर दिया है । थानाध्‍यक्ष महोदय मामले के लीपा-पोती में पूरी तरह से जुट गए हैंवे पत्रकारों को बता रहे हैं कि ऐसा कुछ मामला था ही नहीं ।
उपरोक्‍त घटना की हिन्‍दू महासभा के वरिष्‍ठ अधिकारी पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र, रीता राय, रविन्‍द्र द्विवेदी  नें तीव्र व कड़े शब्‍दों में निंदा की है व दोषी व भ्रष्‍ट पुलिस के विरूद्ध अविलंब कार्यवाही की मांग की है, माँग पूरी न होने पर जनआंदोलन की शुरूआत करने की बात कही है ।
(लेखक एमबीबीएस डॉक्‍टर व फिल्‍म निर्माता है)

 

यू0पी0 मडि़याहूँ पुलिस ने दबाव देकर बुजुर्ग महिला से हस्‍ताक्षर कराया


http://www.jansarokaar.com/corrupt-uttar-pradesh-polic-banarsi-lal.html

 

यू0पी0 मडि़याहूँ पुलिस ने दबाव देकर बुजुर्ग महिला से हस्‍ताक्षर कराया

 

 

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यू0पी0 मडि़याहूँ पुलिस ने दबाव देकर बुजुर्ग महिला से हस्‍ताक्षर कराया


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सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है



सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

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Wednesday, 9 March 2016

सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

        जौनुपर, बरसठी की पुलिस मामले की पूरी लीपा-पोती में जुटी

सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है। ऐसे ही एक मामला उत्तर प्रदेशजिला जौनपुर,  ब्लॉक बरसठीथाना बरसठी के अंतर्गत है । मालूम रहे कि बरसठी थाने का  बनारसी लाल (दीवान) नाम का पुलिस अधिकारी जिसका सीएनओ नंबर 77217126  व  मोबाइल नंबर: 07388791887 हैजो अत्यंत भ्रष्टरिश्वतखोर और बड़े-बुजुर्गों को अपमानित करने वाला प्रकृति का है।

उपरोक्त भ्रष्ट अधिकारी बनारसी लाल (दीवान) नें ग्राम/पोस्ट परियतजिलाः जौनपुरउप्र के सम्मानित निवासी व करीब 70वर्षीय बुजुर्ग बीएमएस डॉ0 रमाकांत गुप्त/पुत्र स्वर्गीय इंसपेक्टर भगवती प्रसाद गुप्त व उनकी पत्नी रिटायर्ड सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका राजकुमारी देवी के साथ पुलिसिया गुण्डई दिखाते हुए उनके साथ बहुत ही घटियांशर्मनाक व अभद्र भाषा का प्रयोग किया व एक अपराधी की तरह दुर्व्‍यवहार करते हुए उन्हें थाने चलने को जबरन मजबूर कर रहा थाइस उपरोक्त अधिकारी के साथ दो पुलिस वाले और थे जो उपरोक्त भ्रष्ट अधिकारी का साथ दे रहे थेउपरोक्त घटना 4 मार्च, 2016 दिन के करीब साढ़े बारह बजे की है ।

इतना ही नहीं डॉ0 रमाकांत गुप्त को थोड़ा कपड़े पहनने में देर होने पर उपरोक्त पुलिस अधिकारी बनारसी लाल (दीवान)  ने अत्यंत गंदे व अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और बोला कि -‘‘जल्दी कर अभी तक तैयार नहीं हुआ तू‘‘। उपरोक्त पुलिस अधिकारी नें बुजुर्ग डॉ0 रमाकांत गुप्त की पत्नी के साथ  गंदी व अशिष्ट अपशब्दों वाली भाषा का प्रयोग करते हुए बोला, ‘‘तुम यहाँ-वहाँ नाचना बंद करफाल्तू बकवास मत कर‘‘।  

सनद रहे कि  मामला जमीन से संबंधित थाडॉ0  रमाकांत गुप्त ट्रांसफार्मर के पास एक दीवार का निर्माण करा रहे थे क्योंकि गेद खेलते समय बच्चों का गेद ट्रांसफार्मर के पास चला जाता था जिससे बच्चों के प्राण जानें  का खतरा बना रहता है। इस ट्रांसफार्मर हटाने की शिकायत कई बार शासन-प्रशासन से किया गया मगर अंधेर राज्य में जायज मांगे कभी पूरी ही नहीं होती।  इस संदर्भ में उपरोक्त दीवान रिवश्वखोर अधिकारी नें ग्रॉम प्रधान से भी कोई बात भी नहीं किया।

70वर्षीय बुजुर्ग डॉ0 रमाकांत गुप्त की पत्नी राजकुमारी देवी रिटायर्ड सरकारी जूनियर स्कूल की प्रधानाध्यापिका रह चुकी हैं जो बुद्धिजीवी समाज का प्रतिनिधित्व भी करती हैं जिनके पढ़ाए छात्र एसडीएमडीएम तक बन चुके हैं । लेकिन उनके साथ भी इस पुलिस अधिकारी नें गंदेघिनौने व मर्यादाहीन  शब्दों का प्रयोग कियावो ऐसा कि पुलिस की वर्दी के आगे किसी का कोई सम्मान ही न  हो मानो बस सब उस उपरोक्त अधिकारी के दास हों।

70 वर्षीय बुजुर्ग डॉ0  रमाकांत गुप्त पेशे से डॉक्टर हैं जो हमेंशा गरीबों के ईलाज में अपना जीवन न्योछावर कर दियाजिनका जीवन बेहद सादगी से भरा और पवित्र रहा है । डॉ0 रमाकांत गुप्त का अपराध से कोई वास्ता कभी नहीं रहा है। इनकी उम्र करीब 70 वर्ष की हैक्या वे थाने में ले जानें लायक थे यदि उपरोक्त अधिकारी को कोई पूछताछ करनी थी तो उनकी उम्र देखकर उनके घर पर भी हो सकती थी।  

उपरोक्त पुलिस अधिकारी (दीवान) जो महादुष्‍ट, बर्बर व्‍यवहार का था उसकी दरिंदगी व अभद्र भाषा के बाद डॉ0 रमाकांत गुप्त का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा उनके सीने का दर्द और बढ़ गयाउनको हार्ट अटैक आते-आते बचा जिसका ईलाज चल रहा है। ज्ञात रहे कि डॉ0 रमाकांत गुप्त के सीने में  अक्सर दर्द होता रहता है जिसके लिए हमेंशा दवाएँ खाते रहते हैं। उपरोक्त पुलिस अधिकारी (दीवान) के दुर्व्‍यवहार से बुजुर्ग डॉ0  रमाकांत गुप्त का स्वास्थ्य और बिगड़ने लगा अगर उनको कुछ होता है तो उसके लिए भ्रष्टरिश्वतखोर बनारसी लाल (दीवान) व बरसठी थाने का थानाध्यक्ष  जिम्मेदार होगा ।

डॉ0  रमाकांत गुप्त से उपरोक्त बरसठी थाने का (दीवान)  द्वारा अपराधियों की तरह बर्ताव से वे बेहद मानसिक अवसाद में हैं क्योंकि वे पूरा जीवन सादगी से व्यतीत करने वाले समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक हैंजिनको किसी तरह के अपराध से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं रहा है। ज्ञात रहे कि बरसठी की बर्बर पुलिस अपने गंदे व घिनौने कामों के लिए कुख्‍यात है। सन् 1982 के करीब बरसठी की बर्बर पुलिस नें एक आदिवासी मुशहर को पीटते-पीटते मार डाला था जिसके चल्‍ते बहुत हंगामा हुआ था ।

ओर तो और इस भ्रष्ट पुलिस अधिकारी ने बुजुर्ग दंपत्ति डॉ0  रमाकांत गुप्त व राजकुमारी देवी को रिश्वत देने के लिए बाध्य कर दियारिश्वत देने के बाद तब जाकर उस भ्रष्ट व रिश्वतखोर  उपरोक्त (दीवान)  ने बुजुर्ग दंपत्ति की जान छोड़ी। डॉ0  रमाकांत गुप्तउनकी पत्नी राजकुमारी देवी व उनका पूरा परिवार भ्रष्ट अधिकारी बनारसी लाल (दीवान) के दुर्व्‍यवहार से बुरी तरह भयभीत व मानसिक सदमें में है ।

इस बुजुर्ग दंपत्ति नें उपरोक्त महाभ्रष्ट पुलिस अधिकारी बनारसी लाल (दीवान) की जौनपुर एसपी से शिकायत कर अविलंब दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की मांग किया है ।  क्योंकि बरसठी थाने के दीवान नें  70वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति का घोर अपमान किया हैउनके साथ अमर्यादितगंदेअशिष्ट भाषा का प्रयोग किया है व मानसिक रूप से प्रताडि़त किया है व उन्हें रिश्वत देनें के लिए मजबूर किया । उपरोक्‍त  भ्रष्‍ट पुलिस अधिकारी को बचाने के लिए थाने के बड़ेआला पुलिस अधिकारी थानाध्यक्ष ने पूरा एड़ी-चोटी का जोर लगाना शुरू  कर दिया है । थानाध्‍यक्ष महोदय मामले के लीपा-पोती में पूरी तरह से जुट गए हैं,  वे पत्रकारों को बता रहे हैं कि ऐसा कुछ मामला था ही नहीं ।

उपरोक्‍त घटना की हिन्‍दू महासभा के वरिष्‍ठ अधिकारी पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र, रीता राय, रविन्‍द्र द्विवेदी  नें तीव्र व कड़े शब्‍दों में निंदा की है व दोषी व भ्रष्‍ट पुलिस के विरूद्ध अविलंब कार्यवाही की मांग की है, माँग पूरी न होने पर जनआंदोलन की शुरूआत करने की बात कही है ।


सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है


सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है


सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

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सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है

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सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है


सपा के गुण्‍डा राज में वरिष्‍ठ नागरिकों का पुलिस द्वारा उत्‍पीड़न किया जा रहा है